
राहुल सेन मांडव
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धार न्यूज/हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह सोमवार को धार स्थित भोजशाला पहुंचे। यहां उन्होंने मां सरस्वती के दर्शन-पूजन किए। दर्शन के बाद उन्होंने भोजशाला परिसर के बाहर लगे ‘गैर हिंदू प्रवेश निषेध’ बोर्ड को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में यहां ‘मुसलमानों का प्रवेश निषेध’ लिखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण हटाकर भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की मांग भी उठाई।
ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ स्वागत
भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे।टी राजा बोले- पहले यहां आकर दुख होता था
दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने कहा कि जब भी वह पहले धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे। उनका दावा था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान को बदलने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां “लैंड जिहाद” करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने संघर्ष जारी रखा।
उन्होंने कहा कि भोजशाला को लेकर संघर्ष कई वर्षों तक चला। उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी यह संघर्ष जारी रहा। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है।पूर्व मुख्यमंत्रियों का नाम लिए बिना साधा निशाना
टी राजा सिंह ने कहा कि भोजशाला में अब तक केवल दो मुख्यमंत्री पहुंचे हैं। उन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम लेते हुए कहा कि बाकी मुख्यमंत्री नपुंसक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं।
काशी-मथुरा का भी किया जिक्र
टी राजा सिंह ने कहा कि भोजशाला को लेकर हिंदू समाज ने जीत हासिल की है, लेकिन काशी और मथुरा का विषय अभी बाकी है। उन्होंने दावा किया कि हिंदू समाज वहां भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
‘गैर हिंदू’ बोर्ड की जगह मुस्लमानों के प्रवेश पर रोक की बात कही
टी राजा सिंह ने भोजशाला परिसर के बाहर लगे बोर्ड का जिक्र करते हुए दावा किया कि पहले यहां शुक्रवार को हिंदुओं के प्रवेश निषेध से संबंधित बोर्ड लगा रहता था। उन्होंने कहा कि अब यहां ‘गैर हिंदू प्रवेश निषेध’ का बोर्ड लगा है।उन्होंने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि ‘गैर हिंदू’ शब्द हटाकर ‘मुसलमानों का प्रवेश निषेध’ लिखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि बात स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए।
कॉरिडोर से पहले अतिक्रमण हटाने की मांग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोजशाला में भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा का स्वागत करते हुए टी राजा सिंह ने कहा कि इसके लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भोजशाला के आसपास कुछ स्थानों पर कब्जे हैं, जिन्हें पहले हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से बुलडोजर कार्रवाई कर कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक आसपास की बाधाएं नहीं हटेंगी, तब तक भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण का सपना पूरा नहीं हो सकेगा।
टी राजा सिंह ने कहा कि सरकार इस परियोजना पर 1500 करोड़ रुपये खर्च करे या 2000 करोड़ रुपये, यह सरकार का विषय है, लेकिन सबसे पहले भोजशाला के आसपास की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुसार मध्य प्रदेश में जहां-जहां “लैंड जिहाद” के माध्यम से कब्जे हुए हैं, वहां भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम और मां सरस्वती के जयकारे लगाए